ECG से 10 सेकंड में हार्ट फेल्योर की पहचान
भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अनोखी पहल करते हुए, नारायणा हेल्थ ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है जो केवल 10 सेकंड में ECG इमेज से हार्ट फेल्योर की पहचान कर सकता है। यह मॉडल अस्पताल की क्लीनिकल रिसर्च टीम और AI डिवीजन ‘मेधा AI’ द्वारा तैयार किया गया है और यह ECG स्कैन के ज़रिए बाएं वेंट्रिकल की कार्यक्षमता (ईजेक्शन फ्रैक्शन) का अनुमान लगाता है।
इस तकनीक से पारंपरिक इकोकार्डियोग्राफी की आवश्यकता कम हो सकती है, जिससे भारत के 1 करोड़ से अधिक हार्ट फेल्योर मरीजों को समय रहते निदान मिल सकेगा। 100,000 से अधिक ECG और इको रिपोर्ट के डेटा पर आधारित इस मॉडल ने 97% सटीकता के साथ गंभीर हार्ट फेल्योर की पहचान की है।
AI मॉडल को नारायणा हेल्थ के EMR सिस्टम ‘आत्मा’ में शामिल किया गया है और इसका परीक्षण बेंगलुरु व कोलकाता के प्रमुख सेंटरों में किया जा रहा है। प्रारंभिक परिणाम बताते हैं कि यह टूल सामान्यतः इको टेस्ट से 58 दिन पहले ही हार्ट फेल्योर की चेतावनी दे सकता है।
इस टूल की खास बात यह है कि यह एक साधारण मोबाइल फोटो से भी ECG पढ़ सकता है, जिससे इसकी पहुंच दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक संभव हो जाती है। इस नवाचार को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है और BMJ साउथ एशिया अवार्ड भी मिल चुका है।